उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सरकारी नौकरी की लालच में पोती द्वारा 55 वर्षीय दादी को खाने में जहर देने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी महिला पानपति ने अपनी पोती रबीना और उसके पति मोनू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसकी पोती ने अपने पति के साथ मिलकर सरकारी नौकरी की लालच में यह सब किया।
दादी की सरकारी नौकरी पर थी नजर
मामले में दादी ने बताया कि, 19 जून को मलदहिया मलीन बस्ती में रहने वाली पोती रबीना अपने पति मोनू के साथ घर पहुंची। वहीं सरकारी नौकरी की लालच में भोजन के समय दोनों ने खाने में जहर मिला दिया, जिसके कारण हालत खराब होने लगी।
दादी को अचेत अवस्था में छोड़कर भागे दोनों
जहरीला खाना खाने के कारण दादी की तबीयत बिगड़ने लगी। अचेत अवस्था में दादी अस्पताल के रास्ते जाने लगी। हालात बिगड़ता देख अपने पति के साथ पोती रबीना मौके से फरार हो गई। जिसके बाद महिला को अचेत देख पड़ोसियों ने उसे एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां जहर के कारण हालत बिगड़ने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अस्पताल में सही वक्त पर मिले इलाज के कारण पानपति की जान बच पाई।
पुलिस ने भागने की फिराक में आरोपी पोती और उसके पति को पकड़ा
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दादी की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी। मामले की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष ने बताया कि, दोनों आरोपी रविवार को मुड़ैला से कहीं भागने की फिराक में थे, जिसे नाकाम करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पोती रबीना ने बताया कि, उसकी दादी 5 साल बाद कृषि विभाग में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी से रिटायर होने वाली हैं। इसी नौकरी को मृतक आश्रित कोटे से हासिल करने की लालच में उसने अपने पति संग मिलकर दादी को जहर दे दिया।







