मऊ: IDBI बैंक के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। मऊ के बलिपुरा मोहल्ले में आर्य समाज मंदिर के सामने स्थित बैंक शाखा पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई।
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने निजीकरण के निर्णय को बैंकिंग क्षेत्र और अपने भविष्य के लिए चिंताजनक बताया। उनका कहना था कि बैंक के निजीकरण से कर्मचारियों की नौकरी और भविष्य की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही बैंकिंग सेवाओं और आम ग्राहकों के हितों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चिंता जताई कि निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से हजारों कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बैंकों के हितों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कर्मचारियों ने एकजुट होकर निजीकरण के फैसले का विरोध किया और सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दो दिवसीय हड़ताल के जरिए कर्मचारियों ने IDBI बैंक के निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की।



