मऊ: दीपावली से लेकर छठ पूजा तक मऊ जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में कुल 836 स्थानों पर मूर्ति स्थापना और पूजा कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों के दौरान पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन के जरिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
इस संबंध में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, भीड़ नियंत्रण और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार ने बैठक में त्योहारों की तिथियों की जानकारी देते हुए बताया कि 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी एवं छोटी दीपावली और 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। इसके बाद 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैया दूज एवं चित्रगुप्त जयंती और 14 तथा 15 नवंबर को डाला छठ का पर्व मनाया जाएगा।
बाजारों में भीड़ और खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठा
शांति समिति की बैठक में सदस्यों ने त्योहारों के दौरान जनहित से जुड़े कई मुद्दे उठाए। मोहम्मद फैसल ने दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका जताते हुए दुकानों पर जांच अभियान चलाने की मांग की।
पूर्व चेयरमैन तैयब पालकी ने बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और मार्गों का विभाजन करने का सुझाव दिया। अरविंद पांडेय ने घोसी स्थित सीता कुंड की साफ-सफाई कराने की मांग रखी।
वहीं, संजय वर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते इस बार शीतला माता मंदिर परिसर में मेला या बड़ा आयोजन नहीं होगा। भारत लाल राही ने तेज आवाज में डीजे बजाने से होने वाली परेशानियों और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
छठ घाटों पर डीजे बजाने पर प्रतिबंध, उल्लंघन करने पर एफआईआर
पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि छठ पूजा और मूर्ति विसर्जन के दौरान घाटों पर डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पूजा समितियों से पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगवाने और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिल सके।
ड्रोन निगरानी के साथ खोया-पाया केंद्र भी होंगे स्थापित
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने सभी उप जिलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को धार्मिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पूजा स्थलों और घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल और सुरक्षा समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी कराई जाएं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया हेल्प सेंटर भी स्थापित किए जाएं।
डीएम ने जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पटाखों की बिक्री निर्धारित मानकों के अनुसार कराने और नियमानुसार सीमित संख्या में लाइसेंस जारी करने को कहा।
इसके अलावा, नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और डायल-112 की गाड़ियों को लगातार भ्रमणशील रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील
बैठक के अंत में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने पिछले त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग देने वाले शांति समिति के सदस्यों और अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने आगामी पर्वों के दौरान भी आपसी भाईचारा, सहयोग और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट रमेश बाबू, जिला पंचायत राज अधिकारी किरण वर्मा, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और जिला शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।



