जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन मऊ के सभागार में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था एवं अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जनपद में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि छोटी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी गंभीर घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने तथा उच्चाधिकारियों को समय से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आईजीआरएस एवं अन्य जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा प्रत्येक शिकायत में मौके का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। अपराधों की रोकथाम के लिए पैदल गश्त, पिकेट ड्यूटी और बीट व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने गोवध, अवैध शराब के निष्कर्षण, बिक्री एवं तस्करी में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एवं गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करने को कहा। साथ ही लूट की घटनाओं की रोकथाम के लिए पूर्व में संलिप्त अपराधियों का सत्यापन अभियान चलाकर उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने, सभी थानों पर पीस कमेटी की बैठक आयोजित करने, सम्पूर्ण समाधान दिवस एवं थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों का पांच दिनों के भीतर निस्तारण करने तथा महिला संबंधी अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
आगामी त्योहारों को देखते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष गश्त एवं पिकेट व्यवस्था सुनिश्चित करने, सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखते हुए अफवाहों का तत्काल खंडन करने तथा संगठित अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार कठोर अभियान चलाने पर भी पुलिस अधीक्षक ने विशेष जोर दिया।





