कानपुर में घरेलू विवाद की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। काकादेव क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को उसकी पत्नी की शिकायत के बाद शास्त्री नगर पुलिस चौकी बुलाया गया था। परिवार का आरोप है कि चौकी में पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, जिसमें उसके कान का पर्दा फट गया। युवक के शरीर पर भी चोट के निशान पाए गए।
मामला शास्त्री नगर के काकादेव इलाके का है। बताया गया कि युवक का अपनी पत्नी से घरेलू विवाद चल रहा था। घटना के दिन युवक अपनी मां और करीब डेढ़ साल की बेटी के साथ सोया था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद युवक ड्यूटी पर चला गया। इसी दौरान उसकी पत्नी ने शास्त्री नगर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई।
चौकी बुलाकर मारपीट का आरोप
परिवार के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद चौकी प्रभारी पवन मिश्रा ने युवक को चौकी बुलाया। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
परिवार ने चौकी प्रभारी के अलावा दरोगा अरुण त्रिवेदी, राजू खरवार, जसवंत सिंह और सुमित सिंह चौहान पर भी मारपीट करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि युवक को थप्पड़ और लात घूंसों से पीटा गया। साथ ही शिकायत करने पर जेल भेजने की धमकी दिए जाने की बात भी कही गई है।
घर पहुंचने पर दिखे चोट के निशान
परिवार के अनुसार, देर रात तक जब युवक घर नहीं लौटा तो उसकी मां पुलिस चौकी पहुंचीं। वहां से वह बेटे को घर लेकर आईं। घर पहुंचने पर युवक के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए। उसकी पीठ पर भी लाठी से चोट लगने के निशान बताए गए।
युवक को सुनने में परेशानी हो रही थी। अगले दिन उसकी मां उसे एक निजी अस्पताल लेकर गईं, जहां जांच में कान का पर्दा फटने की बात सामने आई।
जांच में सामने आई चौकी प्रभारी की भूमिका
घटना के बाद युवक की मां ने तत्कालीन एसीपी स्वरूप नगर शिखर से शिकायत की। शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई गई। जांच में चौकी प्रभारी पवन मिश्रा की भूमिका सामने आने के बाद डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने उन्हें निलंबित कर दिया। वहीं, मामले में आरोपित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सीजेएम कोर्ट ने 9 लोगों पर FIR के दिए आदेश
मामले में पीड़ित की ओर से सीजेएम प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत में अर्जी दाखिल की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चौकी प्रभारी, दो दरोगा और दो सिपाहियों समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में पुलिस की कार्रवाई और युवक के साथ हुई कथित मारपीट की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी।



